हनुमान को अभिमान हो गया है तो श्रीराम ने रेत का ही शिवलिंग बनाकर उसकी स्थापना कर दी। ये देखते ही हनुमान जी के मन में क्रोध उत्पन्न हो गया। और हनुमान जी ने दी श्री राम को चुनौती वे श्रीराम के पास जा पहुंचे और गुस्से से बोले कि मैं इतनी दूर जाकर आपके लिए शिवलिंग लाया हूं और आपने मेरे आने से पूर्व ही रेत का शिवलिंग स्थापित कर दिया।
द्वारका नगरी समुद्र में कैसे डूबी इसके दो कारण थे ऋषि दुर्वासा और गांधारी का शाप इस कारण से द्वारका नगरी में रहने के लिए कोई बचा ही नहीं जो रह भी रहे थे वो आपसे में एक दूसरे को मार ही रहे थे इसको जानते हुए भगवान श्रीकृष्ण ने अपने पिता वसुदेव को समय से पहले ही इस संहार के बारे में बता दिया था