हनुमान को अभिमान हो गया है तो श्रीराम ने रेत का ही शिवलिंग बनाकर उसकी स्थापना कर दी। ये देखते ही हनुमान जी के मन में क्रोध उत्पन्न हो गया। और हनुमान जी ने दी श्री राम को चुनौती वे श्रीराम के पास जा पहुंचे और गुस्से से बोले कि मैं इतनी दूर जाकर आपके लिए शिवलिंग लाया हूं और आपने मेरे आने से पूर्व ही रेत का शिवलिंग स्थापित कर दिया।