द्वारका नगरी समुद्र में कैसे डूबी इसके दो कारण थे ऋषि दुर्वासा और गांधारी का शाप इस कारण से द्वारका नगरी में रहने के लिए कोई बचा ही नहीं जो रह भी रहे थे वो आपसे में एक दूसरे को मार ही रहे थे इसको जानते हुए भगवान श्रीकृष्ण ने अपने पिता वसुदेव को समय से पहले ही इस संहार के बारे में बता दिया था